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छात्रा की NSA के तहत हिरासत पर सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी, ''नोएडा DM मेधा रूपम को अकेले जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते''

 Reported By: Atul Bhatia,  Edited By: Mangal Yadav
 Published : Sep 23, 2026 03:54 pm IST,  Updated : Sep 23, 2026 04:50 pm IST

NSA के तहत आकृति चौधरी को हिरासत में लेने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। नोएडा की डीएम ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश पर याचिका दाखिल की थी।

डीएम मेधा रूपम - India TV Hindi
डीएम मेधा रूपम Image Source : X@MEDHAROOPAM

नई दिल्लीः स्टूडेंट एक्टिविस्ट आकृति चौधरी को NSA के तहत हिरासत में लेने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर हिरासत का फैसला कई अधिकारियों की जांच और मंजूरी के बाद लिया गया था तो गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) की डीएम मेधा रूपम को अकेले इसके लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। जस्टिस एससी शर्मा और जस्टिस एनके सिंह की बेंच ने मेधा रूपम की याचिका पर सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है।

क्या है पूरा मामला?

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आकृति चौधरी की हिरासत को गलत बताते हुए रद्द कर दिया था। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया था कि डीएम मेधा रूपम की सैलरी से 5 लाख रुपये काटकर आकृति चौधरी को मुआवजे के तौर पर दिए जाएं। इसी आदेश को मेधा रूपम ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

डीएम की भूमिका पर क्या दलील दी गई?

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने कहा कि डीएम ने खुद से सीधे हिरासत का फैसला नहीं लिया था। उनके सामने जो रिपोर्ट आई थी, वह SHO, DCP और पुलिस कमिश्नर जैसे अधिकारियों के स्तर से होकर आई थी। उन्होंने यह भी बताया कि NSA के तहत बनाई गई सलाहकार बोर्ड ने भी हिरासत के मामले को देखा था।

वहीं, मेधा रूपम की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि डीएम के सामने फैसला लेने से पहले पांच स्तर की प्रक्रिया पूरी हुई थी। डीएम की भूमिका उपलब्ध रिकॉर्ड और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर अपनी राय बनाने की थी। सुप्रीम कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी में कहा कि अगर फैसला लेने की प्रक्रिया कई स्तरों से होकर नीचे से ऊपर तक चली थी, तो सिर्फ डीएम को अलग करके जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि हम उन्हें अलग करके 5 लाख रुपये के जुर्माने के लिए जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते। अब सुप्रीम कोर्ट इस मामले में अपना फैसला सुनाएगा।

कौन हैं मेधा रूपम?

मेधा रूपम नोएडा की पहली महिला डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (DM) हैं। वह 2014 बैच की IAS अधिकारी हैं। आगरा में जन्मीं मेधा ने अपनी स्कूली शिक्षा केरल में पूरी की और दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफंस कॉलेज से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया। उन्होंने 2014 में UPSC परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 10 हासिल की थी। नोएडा में पोस्टिंग से पहले, उन्होंने उत्तर प्रदेश के कई ज़िलों में काम किया, जिनमें बरेली, मेरठ, हापुड़ और कासगंज शामिल हैं। 

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